2019/09/07

शराब

जलन उसको भी हुई, दर्द उसको भी उठा।
बुरा उसको कहा सबने, में झूमता रहा।।

शराब रूठ गई मुझ से, चढ़ती नहीं मुझे ।।
जबसे तेरी आंखो को मेने नशीला कह दिया।।

2019/08/26

ढूंढ ही लूंगा अ इश्क़ तुझको एक दिन।।
तड़पना, मरना, दर्द सहना यही बस हिसे में मेरे नहीं।।


उफ्फ।।।तेरे मुस्कुराने पे आ जाये तो क्यों जान ना चली जाए।।
मरीज दिल के है अस्पताल ढूंढ लेने देना।।

जब अर्जुन पांव पड़े कान्हा के।।

रथ का नहीं पहिया तात ये जीवन चक्र है थामा।।
हाथ से जो निकला तो प्रलय आ गई समझो।।
अर्जुन को दिखता है सारा ये चक्र नहीं चलना चाहिए।।
पितामह की चिंता नहीं पर धरती पे जीवन बचना चाहिए।।