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2020/08/27

सौदा।।

मेरा नीचा होगा तेरा  ऊंचा ओहदा है ।
जिंदगी भर तेरी गुलामी का सौदा है।।
मेरे सारे दर्द का हिस्सा में आप रखूंगा।।
मेरी खुशियों का सारा तू रख ले।।
कागज़ मेरे वसीयत के साइन कर दे।।
तेरे ख़्वाब सारे मेरे नाम कर दे।।
मेरा नीचा होगा तेरा  ऊंचा ओहदा है ।
जिंदगी भर तेरी गुलामी का सौदा है।।
मुसीबत जो कोई आई में सामने रहूंगा।।
पीछे तू मेरे कंधो पे हाथ रख दे।
मेरी जायदाद, मेरा सब कुछ तेरे नाम है।।
तेरी नज़र का मुझको हकदार रख दे।।
मेरा नीचा होगा तेरा  ऊंचा ओहदा है ।
जिंदगी भर तेरी गुलामी का सौदा है।।

2019/11/01

नवंबर मुबारक।।

मुझको इन खुनक रातों में झांकता बदन रजाई से बाहर अच्छा नहीं लगता।।
मगर तेरी सुबह सर्दियों की, मिलती नहीं खरीदे से।।

नवंबर मुबारक।।

2019/10/27

।। हैप्पी दीवाली ।।

नफ़रत, द्वेष, क्रोध, दुश्मनी का हिसाब कर रहा हूं।।
में इस दीवाली मन का कोना कोना साफ़ कर रहा हूं।।
अगर तुमको भी हो मेरे किसी कथनी करनी का दर्द;-२
बता देना में अपनी मोहब्बत के बैलेंस का चेक भर रहा हूं।।
मेने किसी दिन जो तुमको कुछ बुरा भला कह दिया हो।
निकाल देना अनार गुस्से का में माचिस लिए खड़ा हूं ।।
दिए रोशनी के मेने जला लिए है दीवाली मनाने को,
तुम आ जाना जो कोना अंधेरा लगे ढूंढ कर रख रहा हूं।।
दीवाली छोटी और बड़ी भले कुछ इतिहास रहा हो सागर ।।
दिल खोल कर रख दिया दीवाली आज बड़ी मना रहा हूं।।
आ जाओ सभी दीवाली के दिए आज जला रहा हूं।।
मोहब्बत के अनार, प्यार की फुलझड़ी, ख़ुशी
की आतिशबाजी चला रहा हूं।
में करके हर मैल साफ दिल का, दिल से दीवाली मना रहा हूं।।
आज सब भुला के में दीवाली मना रहा हूं, खुशहाली मना रहा हूं।।



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2019/09/07

शराब

जलन उसको भी हुई, दर्द उसको भी उठा।
बुरा उसको कहा सबने, में झूमता रहा।।

शराब रूठ गई मुझ से, चढ़ती नहीं मुझे ।।
जबसे तेरी आंखो को मेने नशीला कह दिया।।