2020/08/26

इंसान कि पहचान

जिन्दा हूं में अभी जान बाकी है।
जिंदगी के कुछ इम्तिहान बाकी है।।
मेरे हौसले है मेरे कद से ऊंचे।
मेरी आखिरी लंबी छलांग बाकी है।।
अभी निकली नहीं आरज़ू दिल की सभी।
दिल के अभी सारे अरमान बाकी है।।
कुछ और पत्थर पलट कर देख लू।
कुछ ना कुछ मिल जाएगा ,
बाल सफ़द हो गए लेकिन अनाड़ी रहा सागर।
अभी इंसान कि पहचान बाक़ी है।।


2020/08/15

मुझे आबाद रहना है।तुझे आजाद रहना है।।
में तुझसे दूर रहता हूं,तू मेरे पास मत आना।।
चलो इक सौदा करते है सागर,
बस एक दूसरे से नाराज़ रहना है।।

2020/07/30

बेवफ़ा ख़ुदा ।।


इंसान हूं, ख़ुदा थोड़े ही हूं।इंसान हूं ख़ुदा थोड़े ही हूं।
वादा वफ़ा का नहीं करता सागर , बेवफ़ा थोड़े ही हूं।।


2020/07/29

अज़ान

मेरी अज़ान जब तेरी दुआ हो जाए।
कत्ल करके भी तू ख़ुदा हो जाएं।।
और जहां तूने समझा है अपना हमें।
तू गैर हो के भी सागर सगा हो जाएं।।

2020/06/19

जिंदगी में मजबूत होकर कोई काम नहीं होता।।
दिल से करने पर होता है...
आज अगर तुम चाहोगे नहीं...
कल जिंदगी तुमको मौका देगी नहीं...

कुछ करने का सही वक़्त है तो यही वक़्त है... फैसला तुम्हारा है...